शतरंज ( Chess ) आज की तारीख में पुरे विश्व भर में प्रसिद्ध हे. हालाँकि शतरंज की शरुआत भारत से ही हुई हे . प्राचीन काल में भारत में शतरंज चतुरंगा के नाम से प्रसिद्द खेल था. उसके बाद अरब आए और उन्होंने इस खेल को शतरंज का नाम दिया और धीरे धीरे यह खेल यूरोप के साथ साथ पुरे विश्व भर में Chess के नाम से प्रसिद्ध हुआ.

About india’s Village – Marottichal – Kerala ( मरोत्तिचल ग़ाव – केरला ) :- 

आज हम भारत के एक ऐसे ग़ाव के बारे में जानते हे जहाँ Chess लोगो का सबसे अधिकतम प्रिय खेल हे. और यह ग़ाव भारत के दक्षिण में केरला राज्य के त्रिचुर जिल्ले में आया हुआ हे जो ग़ाव मरोत्तिचल नाम से जाना जाता हे.

आइये तो इस ग़ाव के बारे में अधिक जानकारियां जानते हे.

  •   कहाँ जाता हे की इस ग़ाव में लोग सुबह शाम और साल के 365 दिनों में जैसे ही अपना काम हो जाये लोग Chess खेलने बेठ जाते हे.
  • ग़ाव के नुक्कड़ पर या हर एक दुकान छोड़ कर लोग Chess खेलते हुए नजर आते हे.
  • शाम को अपना काम समेटकार 7 बजे बाद लोग अधिकतम Chess का ही खेल खेलते हे .
  • यहाँ 3 साल के बच्चों से लेकर 70 साल के वृद्ध भी Chess का खेल खेलते हुए नजर आते हे.
  • कहाँ जाता हे की इस ग़ाव के सभी लोंगो का यूँ Chess का खेल खेलना और Chess के प्रति एक लगाव सा होना उसके पीछे भी एक कहानी हे जो निम्न लिखी हुई हे .

कहाँ जाता हे की आज से 30-40 साल पहले इस ग़ाव के सभी पुरुषों को अल्कोहोल की लत थी. परिणाम स्वरुप ग़ाव में शांति नहीं थी. लोग 7 बजे बाद बहार निकलने से डरते थे. तभी ग़ाव के सी.उन्नीकृष्ण को Chess का विचार आया और वह पहले से ही प्रसिद्ध Chess Player Bobby Fischer से प्रभावित थे. उन्होंने ख़ुद पहले Chess सिखा और उसके बाद ग़ाव के अन्य लोगों को भी सिखाया. और आज ग़ाव के सभी लोग अल्कोहोल छोड़कर Chess के दिवानें हो गए हे.

एक साथ हज़ारो लोगो का Chess खेलने का इस ग़ाव का एक Asian Record भी बना हुआ हे. और यह भी कहाँ जाता हे की इस ग़ाव के कुछ बच्चों ने National और State Level पर भी Chess खेलकर जीत हांसिल की हे.